बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों का व्यापक निरीक्षण किया जाएगा।
15 दिनों तक चलेगा सघन जांच अभियान
जिला प्रशासन के निर्देशानुसार, 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक जिले के सभी सरकारी स्कूलों में एक विशेष अनुश्रवण (Monitoring) अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों को स्कूल में सभी जरूरी सुविधाएं मिलें।
इन सुविधाओं की होगी बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारी केवल कागजों की जांच नहीं करेंगे, बल्कि जमीन पर मौजूद सुविधाओं का भी जायजा लेंगे। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- बुनियादी ढांचा: शौचालय, पीने का साफ पानी, क्लासरूम की स्थिति और स्कूल की बाउंड्री वॉल।
- आधुनिक सुविधाएं: स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला और जिम की उपलब्धता।
- बिजली और पंखे: गर्मियों को देखते हुए क्लासरूम में पंखे और लाइट की व्यवस्था।
- शिक्षा की गुणवत्ता: पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता, शिक्षकों की उपस्थिति और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज।
- सरकारी योजनाएं: मध्याह्न भोजन (Mid-day Meal) की गुणवत्ता और अन्य लाभकारी योजनाओं का क्रियान्वयन।
बदला गया स्कूलों का समय
बढ़ती गर्मी और छात्रों की सुविधा को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। 6 अप्रैल 2026 से सभी विद्यालय प्रातःकालीन सत्र (Morning Shift) में संचालित हो रहे हैं। अब स्कूलों का समय सुबह 06:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
फंड के सही इस्तेमाल पर रहेगी नजर
इस अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्कूलों को दिए गए बजट की भी समीक्षा की जाएगी। अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि स्कूलों को मिली राशि का सही इस्तेमाल हुआ है या नहीं, और जो सामान खरीदा गया है उसकी गुणवत्ता कैसी है।
जिलाधिकारी ने खुद स्कूल पहुंचकर बच्चों से किया संवाद
अभियान की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सदर प्रखंड के गौरी शंकर विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने सीधे क्लासरूम में जाकर बच्चों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई, स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली।
प्रशासन का संकल्प: जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का हर बच्चा न केवल स्कूल जाए, बल्कि उसे वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण भी मिले।
अधिकारियों की जवाबदेही तय
निरीक्षण के लिए नियुक्त सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे रोजाना शाम 5:00 बजे तक अपनी रिपोर्ट गोपनीय शाखा में जमा करें। यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले प्रखंड स्तर पर उसे सुधारने की कोशिश होगी, अन्यथा मामला जिला स्तर पर भेजा जाएगा।
इस अवसर पर नगर आयुक्त श्री आशीष कुमार और सहायक समाहर्ता प्रिया रानी सहित शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






