बिहार के मोतिहारी में कथित जहरीली शराब के सेवन से हड़कंप मचा हुआ है। वर्तमान में एक दर्जन से अधिक लोग सदर अस्पताल में भर्ती हैं, जो मौत को मात देने की कोशिश कर रहे हैं। अस्पताल के वार्डों में भर्ती ये मरीज न केवल शारीरिक दर्द से जूझ रहे हैं, बल्कि उनके चेहरों पर किए गए काम का गहरा पछतावा भी साफ देखा जा सकता है।
”अंधेरा छा गया था आँखों के सामने” – पीड़ितों की आपबीती
अस्पताल में उपचाराधीन हरदिया निवासी 55 वर्षीय रामचंद्र राम ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि शराब पीने के कुछ समय बाद ही उनकी आँखों के सामने अंधेरा छाने लगा था। उन्होंने कांपती आवाज़ में कहा, “अगर मैं समय पर अस्पताल नहीं आता, तो आज जीवित नहीं होता। अब कभी शराब को हाथ भी नहीं लगाऊँगा।”
इसी तरह, रमेश यादव नामक मरीज ने बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल को शराब का सेवन किया था। अगले दिन से ही उन्हें घबराहट होने लगी और दृष्टि धुंधली हो गई। हालांकि, समय पर इलाज मिलने से उनकी आँखों की रोशनी अब धीरे-धीरे लौट रही है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की सूची
सदर अस्पताल में इस समय कई गांवों के लोग जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इलाजरत मुख्य मरीजों में शामिल हैं:
- हरदिया गांव से: ललन राम, सोहन महतो, शत्रुध्न कुमार, नवल महतो, सत्यम कुमार और राहुल साह।
- भितहां गांव से: राजेश्वर राय, रंजीत महतो, कृष्णा सहनी और रामसाजन सहनी।
दर्द के बीच ‘कसम’ और सबक
टैंपो चालक शत्रुध्न कुमार सहित अस्पताल में भर्ती लगभग हर मरीज अब एक ही बात दोहरा रहा है— “अब कभी शराब नहीं पिएंगे।” अस्पताल के बिस्तरों पर लेटे ये लोग अब शराब से तौबा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह संकल्प समय रहते लिया गया होता, तो आज इन परिवारों को यह आर्थिक और शारीरिक कष्ट नहीं झेलना पड़ता।
विशेष संदर्भ: क्यों खतरनाक है जहरीली शराब?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, अवैध रूप से बनाई गई शराब में अक्सर ‘मिथाइल अल्कोहल’ की मात्रा अधिक हो जाती है। यह शरीर में जाते ही सीधा नर्वस सिस्टम और आँखों की नसों (Optic Nerve) पर हमला करता है, जिससे व्यक्ति स्थायी रूप से अंधा हो सकता है या उसकी मृत्यु हो सकती है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।
संपादन: न्यूज़ डेस्क।






