बिहार के मोतिहारी में हुए दुखद शराब कांड के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने घटना के मुख्य मास्टरमाइंड को अपनी हिरासत में ले लिया है। साथ ही, पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते इस अवैध धंधे से जुड़े दो बड़े माफियाओं ने अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
मास्टरमाइंड नागा राय पुलिस की गिरफ्त में
मोतिहारी पुलिस की विशेष जांच टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस पूरे कांड के मुख्य साजिशकर्ता नागा राय को पकड़ लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि नागा राय ही इस जहरीले नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों तक पहुँचा जा सके।
माफियाओं ने किया सरेंडर
पुलिस की छापेमारी और सख्त घेराबंदी को देखते हुए शराब सिंडिकेट के दो प्रमुख आरोपियों ने हार मान ली है।
- सुनील शाह और कन्या यादव ने खुद को कानून के हवाले करते हुए कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
- इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने जानबूझकर घातक और विषैली स्प्रिट की सप्लाई की थी, जिससे लोगों की जान गई।
जांच में हुए बड़े खुलासे
जांच दल ने जहरीली शराब के अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, ये माफिया मुनाफे के चक्कर में स्प्रिट में जानलेवा रसायनों का मिश्रण कर रहे थे। प्रशासन अब इन आरोपियों की संपत्ति और उनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रहा है।
क्या था मामला?
मोतिहारी में हाल ही में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया और प्रशासन पर कार्रवाई का भारी दबाव था।
प्रशासन की अपील
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध शराब की बिक्री की जानकारी तुरंत स्थानीय थाने को दें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह (मोतिहारी)
संपादित: न्यूज़ डेस्क






