बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) स्थित हरसिद्धि में सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए एक बड़ी कवायद की गई। बुधवार, 26 मार्च 2026 को एचपीसीएल चम्पारण एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में ‘लेवल-3’ की अग्निशमन मॉक ड्रिल आयोजित हुई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित गैस रिसाव या आगजनी जैसी आपातकालीन स्थिति में जान-माल के नुकसान को रोकना और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना था।
गैस रिसाव और विस्फोट जैसी स्थितियों का अभ्यास
इस मॉक ड्रिल के दौरान एक विशेष परिदृश्य (Scenario) तैयार किया गया था। इसमें दिखाया गया कि यदि किसी टैंकर बुलेट के फटने से भारी मात्रा में गैस रिसाव हो जाए और BLEVE (उबलते तरल का विस्तार करने वाला वाष्प विस्फोट) जैसी खतरनाक स्थिति बन जाए, तो उससे कैसे निपटा जाए।
अभ्यास के दौरान प्लांट के सुरक्षा उपकरणों, ऑटोमैटिक सिस्टम और कर्मचारियों की तत्परता का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: प्लांट मैनेजर
मॉक ड्रिल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्लांट मैनेजर श्री अर्जुन सिंह और आरसी श्री उज्ज्वल प्रकाश ने बताया कि सुरक्षा एचपीसीएल के लिए सबसे ऊपर है।
”इस ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना और यह जांचना है कि हमारे कर्मचारी और सुरक्षा तंत्र कितने तैयार हैं। इस तरह के अभ्यास हर साल किए जाते हैं ताकि किसी भी वास्तविक आपदा के समय हम कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई कर सकें।”
प्रशासन और सुरक्षा बल रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण सुरक्षा अभ्यास की निगरानी के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इसमें अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन की कड़ियों को जांचा और जरूरी निर्देश दिए।
प्रमुख उपस्थित अधिकारी:
- सुश्री अंजलि शर्मा: अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), अरेराज
- श्री रवि कुमार: अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), अरेराज
- श्री रमेश प्रसाद: फायर सर्विस, अरेराज
- श्री गुलशन कुमार पासवान: अंचलाधिकारी (CO), हरसिद्धि
- डॉ. ब्रजेश कुमार: मेडिकल ऑफिसर, हरसिद्धि
अतिरिक्त संदर्भ: क्या होता है BLEVE?
आम जनता की समझ के लिए बता दें कि BLEVE (Boiling Liquid Expanding Vapor Explosion) एक ऐसी स्थिति है जब किसी बंद पात्र (जैसे गैस टैंकर) के भीतर मौजूद तरल अत्यधिक दबाव और गर्मी के कारण अचानक गैस में बदलकर फट जाता है। यह बेहद खतरनाक होता है, और इससे निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






