बिहार 

बिना शादी मां बनीं भोजपुरी सिंगर देवी: ऋषिकेश एम्स में जन्मा बच्चा, आईवीएफ तकनीक से पूरा हुआ सपना

On: September 26, 2025 5:27 PM
Follow Us:
बिना शादी मां बनीं भोजपुरी सिंगर देवी: ऋषिकेश एम्स में जन्मा बच्चा, आईवीएफ तकनीक से पूरा हुआ सपना
---Advertisement---

भोजपुरी जगत में इन दिनों एक तगड़ा हंगामा मचा हुआ है। और इसके केंद्र में हैं हमारी सबकी चहेती लोकगायिका, देवी। क्यों? क्योंकि उन्होंने जो खबर ब्रेक की है, वो न सिर्फ उनके फैंस को चौंका रही है, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है कि… आख़िर चल क्या रहा है!

​हाल ही में देवी ने ऋषिकेश एम्स में अपने बच्चे को जन्म दिया और माँ बनने की खुशी पूरी दुनिया से साझा की। ये तो सामान्य बात है, है ना? लेकिन ट्विस्ट ये है कि देवी अविवाहित हैं! बिना शादी के मां बनना—सुनने में अजीब लगेगा, पर उन्होंने ये कर दिखाया है। और बच्चे के साथ उनकी पहली तस्वीर पोस्ट होते ही सोशल मीडिया पर तो जैसे भूचाल आ गया

आईवीएफ: एक साहसी फ़ैसला और कानूनी पेच

​अब लोगों का पहला सवाल यही है: “ये कैसे मुमकिन है?” खासकर भारत जैसे समाज में, जहां शादी को अभी भी एक पवित्र और एकमात्र रास्ता माना जाता है।

​लेकिन हकीकत ये है कि देवी ने कोई जादू नहीं किया, बल्कि विज्ञान का सहारा लिया। मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) तकनीक के ज़रिए गर्भधारण किया। इससे भी ज़्यादा बड़ी बात ये है कि उन्होंने जर्मनी के स्पर्म बैंक से डोनर स्पर्म लिया। यानी, यह एक सोचा-समझा और हिम्मत भरा कदम था।

सोचिए! एक पब्लिक फिगर होते हुए समाज की परवाह किए बिना इतना बड़ा फैसला लेना, कमज़ोर दिल वालों का काम नहीं है।

सोशल मीडिया का युद्ध: मॉडर्न है या ‘ग़लत’?

​देवी के इस क़दम पर प्रतिक्रियाएं भी उतनी ही तीखी हैं। एक तरफ वो लोग हैं जो तालियां बजा रहे हैं और कह रहे हैं, “वाह! इसे कहते हैं महिला सशक्तिकरण! अब माँ बनने के लिए पति की ज़रूरत नहीं है।” ये आधुनिकता की मिसाल है।

​लेकिन दूसरी तरफ, एक बड़ा तबका सवाल उठा रहा है, “क्या अविवाहित मातृत्व सामाजिक रूप से सही है?” लोगों की अपनी राय है और शायद सदियों पुरानी सोच को इतनी जल्दी बदलना मुमकिन नहीं है। लेकिन ज़िंदगी तो देवी की है, फैसला भी उन्हीं का होना चाहिए, है ना?

क्या कानून इसकी इजाज़त देता है?

​यही सबसे बड़ा और इंटरेस्टिंग सवाल है। क्या भारत का कानून इस तरह के सिंगल मदरहुड को सपोर्ट करता है?

​जवाब है: हाँ, बिल्कुल!

​भारत सरकार ने 2021 में ART (असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी) रेगुलेशन एक्ट लागू करके ये साफ कर दिया था:

  • तलाकशुदा, विधवा या अविवाहित—हर महिला को IVF के ज़रिए माँ बनने का पूरा कानूनी हक है।
  • ​वो स्पर्म बैंक से डोनर स्पर्म ले सकती हैं।
  • ​यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और कानूनी दायरे में है।

​यानी, जो लोग इसे ‘ग़ैर-कानूनी’ या ‘सामाजिक रूप से अस्वीकार्य’ कह रहे हैं, वो शायद कानून से वाकिफ़ नहीं हैं।

डॉक्टरों का क्या कहना है?

​IVF स्पेशलिस्ट डॉ. सोनाली जैसे विशेषज्ञ बताते हैं कि IVF एक वैज्ञानिक चमत्कार है। इसमें लैब में एग्स और स्पर्म को मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है, फिर उसे गर्भाशय में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

​डॉक्टर ये भी कहते हैं कि अगर आप 30 की उम्र के आस-पास हैं, तो सफलता दर ज़्यादा होती है। उम्र बढ़ने के साथ यह कम होती जाती है। लेकिन सबसे ज़रूरी बात ये है कि सही मेडिकल गाइडेंस से कोई भी महिला स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है—शादी हुई हो या न हुई हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

निष्कर्ष: सोच बदलो, दुनिया बदल रही है!

​देवी का यह फ़ैसला सिर्फ उनकी व्यक्तिगत कहानी नहीं है, बल्कि बदलते भारत की कहानी है। आज की महिलाएँ किसी सामाजिक बंधन या परंपरागत सोच की गुलाम नहीं हैं। अगर वो माँ बनना चाहती हैं, तो विज्ञान और कानून उनके साथ खड़ा है।

​यह एक मज़बूत संदेश है कि मातृत्व का सपना अब केवल विवाह के बंधन तक सीमित नहीं है। समाज को भी अब पुरानी सोच की दीवारें तोड़नी होंगी और इस स्वतंत्रता को सकारात्मक रूप से स्वीकार करना होगा।

देवी ने हिम्मत दिखाई। अब क्या हमारा समाज उस हिम्मत का सम्मान करेगा?

Sachcha Samachar Desk

Sachcha Samachar Desk वेबसाइट की आधिकारिक संपादकीय टीम है, जो देश और दुनिया से जुड़ी ताज़ा, तथ्य-आधारित और निष्पक्ष खबरें तैयार करती है। यह टीम विश्वसनीयता, ज़िम्मेदार पत्रकारिता और पाठकों को समय पर सही जानकारी देने के सिद्धांत पर काम करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment